Ram Mandir Case FIR Chori: हेलो दोस्तों नमस्कार स्वागत है आपका हमारे एक और नई ताजा खबर में आज दोस्तों हम जाने वाले हैं कि राम मंदिर जो चढ़ावा हुआ था उसके मामले में आठ लोगों को फिर दर्ज करवाया गया था जो की चोरी का मामला था एसआईटी की जांच के बाद एक्शन लिया गया है जिसमें की कुछ इस प्रकार के तथ्य सामने आए हैं आपके सामने सभी जानकारी रखने वाले हैं।
Ram Mandir Case FIR Chori: What Happend?
दोस्तों श्री राम जन्मभूमि चित्र क्षेत्र के ट्रस्ट की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है जो की सभी तथ्य सामने आया है जो की एक कदम उठाया गया है जो कि नीचे इस प्रकार दिया गया है सभी तरीकों को स्टेप बाय स्टेप एक-एक चीजों को ध्यान से बताया गया नीचे सभी चीज पड़े:-
दोस्तों वैसे तो मंदिरों को चढ़ने पर चोरियां और कई चीज होती रहती है लेकिन राम मंदिर अयोध्या में स्थित एक भव्य मंदिर है जो कि अगर किसी प्रकार की कोई भी आशंका जताई जाती है तो बड़े-बड़े कार्रवाई की जाती है तो इसी प्रकार राम मंदिर के चढ़ावे में घटित घोटाले मामले में दिन गुरुवार को पास के थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है जो कि श्री राम जी का जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र के ट्रस्ट की शिकायत थी और इसमें सीट की सिफारिश की तरफ से फिर दर्ज भी हुई है।
दोस्तों आपको पता है कि राम मंदिर अयोध्या मैं एक स्थित भव्य मंदिर है जो कि आपको इंटरनेट पर काफी और आप अगर जाते हैं घूमने तो एक अच्छा अनुभव होता है तो सूत्रों को मुताबिक यह बताया जा रहा है कि फायर में आठ लोगों को नाम जानती किया गया है जिसे फिर रामशंकर यादव और टीनू यादव अनुकूल मिश्रा अविनाश शुक्ला मनीष यादव रामशंकर मिश्रा सुभाष करुणेश और लव कुश मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
दोस्तों इन दो मुख्य अब आरोपियों को हिरासत में लिया गया है जो की लवकुश मिश्रा और अनुकूल मिश्रा को रेस्ट कर लिया गया है लेकिन अनुकूल मिश्रा और लवकुश मिश्रा नोटों की गिनती का काम करते थे और अविनाश त्रिपाठी वही है जो की कलमेश पांडे सुभाष और मनीष यादव को हिरासत में दिया गया है सुभाष काउंटिंग इंचार्ज की जिम्मेदारी संभाल देते यानी कि सभी जो मंदिर के कर्मचारी थे उन्हीं के द्वारा एक घोटाले किए गए हैं।
आपको पता है कि भारत एक ऐसा देश है जहां पर अगर मंदिर और उनकी धरोहरों पर कोई भी गलत चीज देखने को मिलती है तो बहुत ही बड़ा कदम उठाया जाता है यूपी सरकार के निर्देश पर बीएससी के तहत 306 316 317 (4) 317 (5)61 और 3 की धारों पर फिर दर्ज की गई है आपको बता दे कि यह फिर चोरी और लोगों को चोरी में मदद करना धोखाधड़ी और भी अन्य कैसे सरकारी कर्मचारियों द्वारा जांच किए जा रहे हैं इस स्वतंत्रता के तहत विश्वास घाट की धाराओं में भी एफआईआर दर्ज की गई है आपको बता दे कि यह मामला राज राम जन्मभूमि के कांटे वाला में दर्ज हुआ है।
तो दोस्तों बता दे कि आपको श्री कृष्ण मोहन की शिकायत पर मामला भी दर्ज हुआ है जिन लोगों के पास यह रकम मिलेगी उन पर सभी पर नाम जज फिर किया जाएगा और बताया जा रहा है कि यह मामला बहुत ही बड़े पैमाने पर गिरफ्तारी की जाएगी ऐसे में और भी जांच की जा रही है और भी कार्रवाई की जा रही है अब सब की नजर के फायर की गई कार्रवाई पर है शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में बताया है कि आठ लोग सिस्टमैटिक तरीके से मंदिर चढ़ावे की सभी संपत्ति को धीरे-धीरे करके गायब कर रहे हैं या चोरी कर रहे हैं समिति की जांच में यह बातें प्रूफ हो चुकी है।
इस घटनाक्रम पर विश्व हिंदू की सभी प्रमुख कलाकारों के द्वारा यह कहा जा रहा है कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस 2027 के उत्तर प्रदेश के विधानसभा में जो चुनाव लड़ा जाएगा उसमें विवाद खड़ा किया जाएगा और इसमें राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जा रही है लेकिन पूरी दुनिया का उसे फिर किया गया सभी राजनीतिक पार्टियों जो कि Opposition पार्टी है उनके द्वारा की गई टिप्पणी किस प्रकार है:-
एफ आई आर दर्ज होने के बाद अखिलेश यादव का टिप्पणी कुछ इस प्रकार है
राम मंदिर के चढ़ने की चोरी के मामले में कुछ आठ लोग गिरफ्तार हुए थे आठ लौकी गिरतारी होने के बाद हमेशा से देखते आए हुए हैं कि हर एक विभाग पर राजनीतिक पार्टियों का अपना अलग विवाद छिड़ जाता है इसी बीच शिकायत दर्ज होने के बाद समाजवादी पार्टी के द्वारा जो कि अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा राज्य में के इंसाफ की देखने को मिल रही है यानी कि उनके कहने का अर्थ है कि अब हिंदू राज्य में भी ना हिंसाफी की दिखेगी झांकी पुंगी को फांसी शाखाओ को मिलेगी फासी से कुछ इस प्रकार का बयान दिया है:-
और उन्होंने यह भी कहा है बिना जांच देखें की उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि पहले सीट के बहाने सारे सबूत साफ कर दिए होंगे और यह निश्चित कर लिया होगा कि तीन बड़ी मछलियों को बचाना है और उन्होंने किसी को फसाना उसके बाद फिर हो रही लगता है कि एसआईटी को पहले रिपोर्ट बनाकर दे दी गई होगी कि क्या-क्या आपको बोलना है अपने रिपोर्ट में उसे हिसाब से जांच की गई होगी मतलब निष्कर्ष या निकल कर आया होगा।
चलिए अब जानते हैं कि जो जो आरोपी पकड़े गए हैं अगर आओ आरोपी सिद्ध हो जाते हैं तो उनको क्या-क्या हो सकती है सजा?
अयोध्या के राम मंदिर एक भव्य मंदिर है जो कि छोटा-मोटा कोई मंदिर नहीं है आपको पता है कि यहां पर बड़े-बड़े शेरों से लोग आते हैं घूमने के लिए दर्शन के लिए और आपको पता है कि एक प्रसिद्ध मंदिर है जो कि भगवान राम मंदिर के रूप में बनाया गया है जो की 2024 में उद्घाटन की गई थी जो की काफी सालों से पेंडिंग पड़ा हुआ था मंदिर बनने के लिए जिसने की लड़ाइयां कई हो रही थी लेकिन आखिरकार यह बनकर तैयार हो गया था अयोध्या के राम मंदिर चढ़ने के भवन आरोपी को आजीवन कारावास की सजा हो सकती है।
आरोपियों को धारा 61306 316 317 के तहत अपराधिक सिद्धांत रचना और चोरी और विश्वास का अर्थ और मंदिरों की सभी संपत्ति को सभी देखते हुए गंभीर अपराध के लिए दर्ज की जाएगी इन धाराओं में अपराध का विस्तृत विवरण और उनके तहत मिलने वाली सजा का प्रावधान भी स्पष्ट रूप से किया गया है जो कि मैं नीचे बताने वाला हूं।
दोस्तों बिजनेस की धारा 61 अपराधिक स्वतंत्र यानी के आपराधिक षड्यंत्र चोरी की संपत्ति से जुड़े यानी कि जब दो या दो से अधिक व्यक्ति मिलकर एक स्वतंत्र बनाते हैं और गैर कानूनी तरफ से काम करते हैं जो की शतरंज का शिकार होते हैं तो उसमें आजीवन कारावास या 2 वर्ष से अधिक की कठोर सजा होती है सजा रचने वालों यानी कि स्वतंत्र रखने वालों को मुख्य अपराधी के रूप में सजा मिलेगी जबकि इससे कम अपराध में 6 महीने तक की कैद जुर्माना भी देना होगा और जो चोरी गई चीज हैं वह सभी को वापस करना होगा।
Conclussion
आपको बता दे कि यह मामला पहली बार 7 जून को राजनीतिक बहस के द्वारा उठाया गया था जो की एक बहुत बड़ा मुद्दा बन गया समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने दावा किया है कि राम मंदिर में सरदारों द्वारा चढ़ाया गया करोड रुपए के दान में गड़बड़ी हो रही है अखिलेश यादव ने अदालत के सामने इस मामले को संज्ञान लेने की मांग की है।